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EXCLUSIVE: Budget में MSMEs सेक्टर को बड़ी राहत मुमकिन, NPA क्लासीफिकेशन में नरमी की उम्मीद

Moneycontrol को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आगामी बजट में MSMEs को बड़ी राहत मिल सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 18, 2021 पर 11:50 AM
EXCLUSIVE: Budget में  MSMEs सेक्टर को बड़ी राहत मुमकिन, NPA क्लासीफिकेशन  में नरमी की उम्मीद

Moneycontrol को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आगामी बजट में  MSMEs को बड़ी राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार  MSMEs से जुड़े  NPA क्लासीफिकेशन  पीरियड को 90 दिन से बढ़ाकर 120-180 दिन कर सकती है। इस तरह के किसी बदलाव के लिए कानून में संसोधन की जरूरत होगी।
 
Covid-19 महामारी की मार जूझ से रहे इंडस्ट्री, खास कर छोटे और मझोले उद्योगों को राहत देनें से लिए सरकार 1 फरवरी को आने वाले बजट में non-performing assets से जुड़े क्लासीफिकेशन नियमों में ढ़ील का एलान कर सकती है। वर्तमान में उस समय किसी लोन को non-performing assets घोषित कर दिया जाता है जब उस लोन का ब्याज या मूल राशि की किश्त 90 के बाद भी जमा नहीं होती। हालांकि इस नियम से उनको छूट मिलती है जो आरबीआई द्वारा कोविड-19 से राहत लिए घोषित किए गए moratorium में आते हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार अब 90 दिन की इस राहत को 120 से 180 दिन बढ़ाने पर विचार कर रही है। इस सुविधा को स्थाई भी बनाया जा सकता है। इस मुद्दे पर इंडस्ट्री और दूसरे स्टेक होल्डरों के साथ कई बार सलाह-मशविरा भी हो चुका है। इस पर जल्द ही कोई निर्णय हो सकता है और इसका ऐलान एक फरवरी को आने वाले बजट में मुमकिन है।

इस प्रस्ताव को कानून बनाने के लिए दो तरीके से नियमों में संशोधन हो सकते हैं। पहले तरीके में बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट में बदलाव हो सकता है या फिर बजट सेशन के दौरान फाइनेंस बिल 2021 में इसके लिए अलग से संशोधन प्रस्ताव लाया जा सकता है।

बजट बनाने वालों का मानना है कि इस तरह की कोई राहत इंडस्ट्री  और बैंक दोनों के लिए फायदेमंद रहेगी। इससे छोटी मझोली कंपनियों के कर्ज चुकाने के लिए कुछ और समय मिल जाएगा और उनको डिफाल्टर घोषित किए जानें का डर नहीं रहेगा।

वहीं, बैंकों की बात करें तो कोविड moratorium के खत्म होने के साथ ही इनके NPAs में बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। केंद्र का मानना है कि 90 दिन की इस राहत को 120 से 180 दिन बढ़ाने और इसे स्थाई बनाने से बैंकों को कोविड की वजह से होने वाले डिफाल्ट के बावजूद अपनी कैपिटल एडीक्वेसी रेश्यो बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

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